"काली कॉफी पीने से बढ़ सकती है उम्र, लेकिन शक्कर और क्रीम बना सकते हैं फायदे बेअसर: रिसर्च में खुलासा"

काली कॉफी से बढ़ सकती है उम्र: रिसर्च में हुआ खुलासा

नई दिल्ली। अगर आप रोज़ाना कॉफी पीते हैं, तो यह आदत आपकी उम्र बढ़ा सकती है — लेकिन शर्त यह है कि कॉफी में शक्कर या क्रीम न मिलाएं। अमेरिका की टफ्ट्स यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि जो लोग बिना चीनी और वसा (जैसे फुल-क्रीम दूध या क्रीम) वाली कॉफी पीते हैं, उनके जल्दी मौत का खतरा अन्य लोगों की तुलना में कम होता है।

यह अध्ययन 46,000 से अधिक अमेरिकी वयस्कों पर किया गया, जिनकी औसतन 9 से 11 वर्षों तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटाई गई। इस दौरान 7,074 लोगों की मृत्यु हुई, और उनके कॉफी पीने की आदतों का विश्लेषण किया गया।

ब्लैक कॉफी पीने वालों के लिए 14% कम मृत्यु जोखिम

रिसर्च के अनुसार, जो लोग रोजाना दो से तीन कप बिना चीनी और वसा वाली कॉफी पीते हैं, उनमें मृत्यु का जोखिम लगभग 14% तक कम देखा गया। लेकिन जैसे ही कॉफी में ज़्यादा मात्रा में शक्कर या क्रीम मिलाई गई, यह स्वास्थ्य लाभ पूरी तरह खत्म हो गया।

टफ्ट्स यूनिवर्सिटी की एपिडेमियोलॉजिस्ट बिंगजी झोउ कहती हैं, "हमारा अध्ययन दिखाता है कि कॉफी में डाले जाने वाले पदार्थ – खासकर चीनी और संतृप्त वसा – कॉफी के स्वास्थ्य लाभ को कम कर सकते हैं।"

डिकैफ कॉफी से नहीं मिला यही लाभ

शोध में यह भी देखा गया कि जो लोग डिकैफ (कैफीन-रहित) कॉफी पीते हैं, उन्हें मृत्यु दर में कोई विशेष लाभ नहीं मिला। इससे संकेत मिलता है कि स्वास्थ्य लाभ मुख्य रूप से कॉफी में मौजूद कैफीन और बायोएक्टिव कंपाउंड्स से आते हैं।

कॉफी कितनी सुरक्षित है?

हालांकि शोधकर्ताओं ने उम्र, लिंग, शिक्षा, शराब सेवन और व्यायाम जैसे कई फैक्टरों को ध्यान में रखा, फिर भी यह अध्ययन कारण और प्रभाव का सीधा प्रमाण नहीं देता। हो सकता है कि कुछ अन्य कारक भी हों, जो कॉफी पीने और दीर्घायु के बीच संबंध बना रहे हों।

टफ्ट्स यूनिवर्सिटी की दूसरी वरिष्ठ शोधकर्ता फांग फांग झांग कहती हैं, "कॉफी में कई जैव सक्रिय तत्व होते हैं जो शरीर को लाभ पहुंचा सकते हैं, लेकिन जब उसमें चीनी और क्रीम डाली जाती है, तो यह लाभ कम हो जाता है।"

क्या कहती हैं पोषण संबंधी गाइडलाइंस?

यह अध्ययन अमेरिकी डाइटरी गाइडलाइंस के अनुरूप है, जो अतिरिक्त शक्कर और संतृप्त वसा के सेवन को सीमित करने की सलाह देती हैं। इसके साथ ही यह शोध उन लाखों लोगों के लिए उपयोगी है, जो रोजाना कॉफी पीते हैं और सोचते हैं कि यह उनकी सेहत के लिए कितना सही है।

निष्कर्ष: कॉफी पिएं, लेकिन सही तरीके से

यदि आप कॉफी प्रेमी हैं, तो यह समय है अपने कॉफी के तरीके को दोबारा सोचने का। दो से तीन कप काली या कम चीनी वाली कॉफी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकती है, लेकिन उसमें क्रीम, फुल-क्रीम दूध या ज्यादा मिठास मिलाकर पीना इन फायदों को खत्म कर सकता है।

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