EASA के निर्देशों की अनदेखी पर घिरी एयर इंडिया एक्सप्रेस, DGCA ने जताई गंभीर चिंता।

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने नहीं मानी यूरोपीय सुरक्षा चेतावनी, DGCA की जांच में खुला बड़ा लापरवाही का मामला


नई दिल्ली। एयर इंडिया एक्सप्रेस (IX) पर एक गंभीर आरोप सामने आया है। भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने मार्च 2025 में एयरलाइन को चेतावनी जारी की थी कि उसने यूरोपीय संघ की विमान सुरक्षा एजेंसी (EASA) द्वारा 2023 में जारी किए गए आवश्यक सुरक्षा निर्देशों का पालन नहीं किया। यह निर्देश एयरबस A320 विमान (रजिस्ट्रेशन: VT-ATD) के CFM LEAP-1A इंजन से संबंधित था, जिसका उद्देश्य इंजन में मौजूद निर्माण दोष जैसे सील और घूर्णन घटकों की विफलता को रोकना था।

जाली रिकॉर्ड और तकनीकी लापरवाही

DGCA की जांच में पाया गया कि एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने रखरखाव ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर (AMOS) में जानबूझकर गलत जानकारी दर्ज की, जिससे ऐसा प्रतीत हो कि सभी आवश्यक सुधार पूरे हो चुके हैं। दरअसल, आवश्यक तकनीकी संशोधन तय समयसीमा में नहीं किए गए थे। VT-ATD विमान जो आमतौर पर दुबई और मस्कट जैसे छोटे अंतरराष्ट्रीय मार्गों के साथ घरेलू उड़ानों में उपयोग होता है, उसमें यह घोर लापरवाही पाई गई।

इस खुलासे के बाद एयर इंडिया एक्सप्रेस ने गुणवत्ता प्रबंधक को पद से हटा दिया और उप-एयरवर्दीता प्रबंधक को निलंबित कर दिया। कंपनी ने इसे रिकॉर्ड माइग्रेशन की त्रुटि बताया और कहा कि सुधारात्मक कदम तुरंत उठाए गए हैं।

सिर्फ एक मामला नहीं, लगातार नियम उल्लंघन में एयर इंडिया समूह

यह तकनीकी लापरवाही कोई अकेली घटना नहीं है। DGCA ने इससे पहले भी एयर इंडिया समूह की उड़ानों में कई नियम उल्लंघन पकड़े हैं। एयर इंडिया को तीन एयरबस विमानों में 'इस्केप स्लाइड' की समय पर जांच नहीं कराने के लिए फटकार लगाई गई थी। जून 2025 में भी पायलट ड्यूटी समय के उल्लंघन पर DGCA ने “गंभीर चूक” की चेतावनी जारी की थी।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में DGCA ने सुरक्षा से संबंधित 23 मामलों में एयरलाइनों को जुर्माना या चेतावनी दी, जिनमें से तीन मामले एयर इंडिया एक्सप्रेस और आठ एयर इंडिया से संबंधित थे।

जून हादसे से पहले सामने आया था मामला, लेकिन अब सवाल और गहरे

यह मामला जून 2025 में अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया ड्रीमलाइनर हादसे से पहले सामने आया था, जो अभी जांच के दायरे में है। हालांकि दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी नहीं हैं, फिर भी एयर इंडिया समूह की सुरक्षा नीतियों पर अब अधिक गहन निगरानी शुरू हो गई है।

EASA की चेतावनी: "गंभीर खतरा है इंजन विफलता से"

EASA की 2023 की चेतावनी में कहा गया था कि यदि CFM इंजन के दोषपूर्ण पुर्जे समय पर नहीं बदले गए, तो उड़ान के दौरान उच्च-ऊर्जा मलबा निकल सकता है, जिससे विमान को गंभीर क्षति हो सकती है और नियंत्रण खोने की स्थिति बन सकती है।

पूर्व विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) के कानूनी सलाहकार विभुति सिंह ने इसे “गंभीर चूक” करार दिया और कहा कि ऐसी तकनीकी त्रुटियों को तुरंत सुधारना अनिवार्य होता है, वरना यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती है।

अब क्या आगे?

DGCA और EASA ने इस मामले पर सार्वजनिक टिप्पणी करने से इनकार किया है। एयरबस और CFM इंटरनेशनल (जो GE और Safran की संयुक्त कंपनी है) की ओर से भी अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन यह मामला अब एयर इंडिया एक्सप्रेस के भरोसे पर बड़ा सवाल खड़ा करता है और आने वाले समय में इसके परिचालन पर गंभीर असर पड़ सकता है।

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