“गंभीर” चक्रवात आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा है; IMD ने अगले सप्ताह भारी बारिश की चेतावनी जारी की
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, एक गंभीर चक्रवात आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है और अगले सप्ताह में यह पूरी तरह से विकसित होकर "साइक्लोन मोंथा" के नाम से जाना जाएगा। IMD ने इस चक्रवात को लेकर भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी है, और कहा है कि यह चक्रवात आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 28 अक्टूबर की शाम या रात को दस्तक देगा।
चक्रवात मोंथा की स्थिति
IMD के अनुसार, इस समय दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक अच्छी तरह से चिह्नित निम्न दबाव प्रणाली सक्रिय है, जो अब एक गहरे दबाव में बदल चुकी है। शनिवार को IMD ने बताया कि यह गहरा दबाव अगले कुछ दिनों में चक्रवात में बदलने की संभावना है। जब यह पूरी तरह से तीव्र होगा, तब इसे "साइक्लोन मोंथा" के नाम से जाना जाएगा, जिसे थाईलैंड द्वारा नामित किया गया है।
तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी
IMD ने कहा कि इस चक्रवात के तेज हवाओं की गति 90-100 किमी प्रति घंटा हो सकती है, जो 110 किमी प्रति घंटा तक तेज हो सकती है। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में हल्की से लेकर मध्यम तीव्रता की बारिश शुरू हो चुकी है, और यह अगले पांच-छह दिनों तक जारी रह सकती है। विशेष रूप से रायलसीमा क्षेत्र में 27 और 28 अक्टूबर को 210 मिमी से अधिक बारिश हो सकती है, जिसके कारण बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं।
तटीय क्षेत्रों के लिए सख्त चेतावनी
सामान्यत: आंध्र प्रदेश अक्टूबर महीने में चक्रवातों का सामना करता है, और इस साल यह दूसरा चक्रवात होगा। इससे पहले अक्टूबर में गुजरात तट से चक्रवात शक्ति उत्पन्न हुआ था। IMD ने चेतावनी दी है कि समुद्री स्थिति अगले कुछ दिनों में काफी उथल-पुथल भरी रहेगी। समुद्र में हलचल के कारण 26 अक्टूबर के बाद मछुआरों को समुद्र में जाने से मना किया गया है।
चक्रवात मोंथा के मार्ग पर नजर
IMD के अनुसार, यह चक्रवात 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के पास माचिलिपटनम और कालिंगपट्टनम के बीच तट से टकराएगा। इस दौरान समुद्र में बहुत उफान आ सकता है, और समुद्र में उठने वाली लहरों का खतरा बढ़ सकता है।
शनिवार सुबह तक, यह गहरा दबाव पोर्ट ब्लेयर के दक्षिण-पश्चिम में लगभग 440 किमी दूर था और काकीनाडा, विशाखापट्टनम और चेन्नई के लगभग 970-990 किमी दक्षिण-पूर्व में स्थित था।
आंध्र प्रदेश में चक्रवातों का इतिहास
आंध्र प्रदेश में चक्रवातों की गतिविधि अक्टूबर महीने में आम है। हाल के वर्षों में यहां कई प्रमुख चक्रवात आए हैं, जैसे कि टिटली (2018), हुदहुद (2014), और ओगनी (2006)। इन चक्रवातों ने आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाई थी, और अब चक्रवात मोंथा को लेकर भी इस क्षेत्र में गंभीर सतर्कता बरती जा रही है।
समुद्र की स्थिति और मछुआरों के लिए चेतावनी
IMD के अनुसार, भारत के पूर्वी तट पर अगले कुछ दिनों में समुद्र की स्थिति उथल-पुथल रहेगी। समुद्र में लहरों की ऊँचाई बढ़ने की संभावना है और यह मछुआरों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। 29 अक्टूबर तक पश्चिमी-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर हवाओं की गति 70-80 किमी प्रति घंटा तक पहुँच सकती है, और यह 90 किमी प्रति घंटा तक तेज हो सकती है।
सभी मछुआरों को चेतावनी दी गई है कि वे 26 अक्टूबर के बाद समुद्र में न जाएं, खासकर दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में।
निष्कर्ष
चक्रवात मोंथा की दिशा और गति पर निगाहें लगी हुई हैं, और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में अगले कुछ दिनों में भारी बारिश और तेज हवाओं का सामना करना पड़ सकता है। राज्य प्रशासन और IMD के दिशा-निर्देशों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटा जा सके।
