CBI Action: Jaipur CGST Assistant Commissioner पर ₹2.54 Crore की Illegal Income और Disproportionate Assets का आरोप
जयपुर (Jaipur):Central Bureau of Investigation (CBI) ने Central Goods and Services Tax (CGST) के एक Assistant Commissioner के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति — करीब ₹2.54 Crore की Illegal Income — अवैध रूप से अर्जित की है।
CBI ने बताया कि यह अधिकारी अगस्त 2018 से अगस्त 2025 के बीच जयपुर और अहमदाबाद स्थित CGST कार्यालयों में कार्यरत था। इस दौरान उसने Disproportionate Assets जमा किए, जिनकी वैल्यू उसकी ज्ञात आय से लगभग 100% अधिक है।
💼 परिवार और Firms के ज़रिए छिपाई गई अवैध संपत्ति
CBI की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अधिकारी और उसके परिवार ने कई Firms, Limited Liability Partnerships (LLPs) और Companies बनाई थीं, जिनके ज़रिए उसने अपनी Illegal Income को छिपाने और घुमाने (money laundering) का प्रयास किया।
जांच एजेंसी के अनुसार, इन संस्थानों का इस्तेमाल ill-gotten money को वैध दिखाने के लिए किया गया।
💎 तलाशी में बरामद हुई लक्ज़री Cars, Jewellery और Properties
CBI ने जयपुर, अंकलेश्वर (Ankleshwar) और अहमदाबाद (Ahmedabad) में कई स्थानों पर Search Operation चलाया। इस दौरान टीम को लगभग ₹35 Lakh के Gold और Silver Jewellery, कई Immovable Properties (plots और buildings) और Luxury Vehicles मिलीं।
CBI ने बताया कि आरोपी के परिवार के नाम पर Porsche और Jeep Compass जैसी महंगी गाड़ियाँ रजिस्टर्ड हैं। साथ ही, दो Bank Lockers की भी जानकारी मिली है जिनकी जांच की जा रही है।
⚖️ CBI Investigation Under Prevention of Corruption Act
CBI ने यह केस Prevention of Corruption Act के तहत दर्ज किया है, जिसके तहत किसी भी सरकारी अधिकारी पर तब कार्रवाई की जाती है जब उसकी संपत्ति उसके वैध आय स्रोतों से मेल नहीं खाती।
अगर आरोप साबित होते हैं, तो आरोपी को कड़ी सज़ा और अवैध संपत्ति की जब्ती (Confiscation of Illegal Assets) का सामना करना पड़ सकता है।
CBI ने अभी तक अधिकारी का नाम सार्वजनिक नहीं किया है क्योंकि जांच प्रक्रिया जारी है और further investigation में कई नए पहलू सामने आ सकते हैं।
📊 CBI Crackdown on Corruption Continues
यह मामला सरकारी विभागों में बढ़ते Corruption के खिलाफ CBI की सख्त नीति को दर्शाता है। एजेंसी ने हाल के महीनों में कई Income Disproportionate Assets Cases में बड़ी कार्रवाई की है, जिससे यह संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार की शून्य-सहनशीलता (Zero Tolerance) नीति अब सख्ती से लागू हो रही है।
